शिवरात्री वशीकरण/मंत्र द्वारा वशीकरण सिद्धि


shivratri vashikaran

वशीकरण शब्द का साधारण भाषा में अर्थ होता है – वश में करना | वशीकरण मंत्र की साधना करके साधक अभीष्ट व्यक्ति को अपने वश में कर लेता है | यानि जिस मंत्र की सिद्धि करके साधक प्राणी मात्र को अपने वशीभूत कर ले  , वह ‘ वशीकरण ‘ कहलाता है | वास्तव में वशीकरण आकर्षण का चरम विकसित और अत्यधिक प्रभावी रूप है | आकर्षण के द्वारा साधक केवल अपनी और खिचता अथवा पास लता है , जबकि मोहन में उससे कही अधिक प्राणी को उसकी अस्मिता के प्रति विस्मृत –सा  कर दिया जाता है | इसमें मोहित प्राणी को चेतना और विवेक दोनों की गति अत्यंत धीमी हो जाती है | वशीकरण में इन दोनों से कही अधिक प्रभाव रहता है |

आज के समय में पश्चमी देशो में सम्मोहन का प्रयोग वशीकरण के रूप में देखा जा सकता है | वशीकरण की प्रतिक्रिया इन सबसे कही अधिक स्थायी और प्रबल रूप में स्वयं के बोध को कुंठित कर देने वाली होती है | वशीकृत  व्यक्ति को अपने प्रति उचित – अनुचित , देश ,काम , वर्जना , लाभ – हनी , हित –अहित का ध्यान नहीं रहता है | वह मानसिक रूप से साधक के अधीन , उसके संकेतो , आदेशो  का पालन  करने को बाध्य होता है | इस मानसिक दासता की स्थिति में वह  साधक के हाथो की कठपुतली  बन जाता  है | इस अध्याय  में  विभिन्न प्रकार के  मंत्रो द्वारा  वशीकरण  के बारे में विस्तार  से बताया गया है |

 

लौंग  मोहन  मंत्र

ॐ जल की योगिनी पलेकल्का  नाम ||

जिसपे भेजू  तिस्पे लगे ||

सोते सुख न बेठे सुख ||

फिर – फिर देखो हमारा मुख ||

मेरी बाँधी जो छुटे तो बाबा  नाहरसिंह  की जटा छुटे ||

विधि – शिवरात्री की  रात्रि पान के पत्ते में चार लौंग मुह में रखकर किसी नहर में जाकर सिर समेत डुबकी लगाये | एक ही डुबकी में इस मंत्र  को ११ बार जपे , फिर पानी में खड़े होकर अपने मुह  से लौंग निकाल ले , फिर धूप देकर यह लौंग जिसे भी खिलायंगे वह आपके  वश में रहेगा |

नमक मोहन मंत्र

एक नमक रमता माता ||

दूसरा नमक  विरह  से आता ||

तीसरा नमक औरी – बौरी ||

चौथा नमक रहे कर जोरी ||

यह नमक  अमुक  खाए ||

अमुक को छोड़ दूसरा नहीं जाये ||

दुहाई पीर औलिया की जो कहे सो सुने ||

दुहाई गौर पार्वती की , दुहाई  कामाख्या देवी की ||

दुहाई गुरु गोरखनाथ की ||

विधि – चुटकीभर नमक ले  , इस मंत्र से ५१ बार सिद्ध करे , फिर जिसे व्यक्ति  को वश में करना  हो उसे  किसी खाने – पीने के प्रादार्थ में मिलाकर दे दे  , वह आपके वशीभूत  रहेगा |


शिव कृपा से वशीकरण




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वशीकरण