वशीकरण – जनेऊ धारी ब्रह्मचारी वृद्ध ब्राह्मण द्वारा शीघ्र वशीकरण


Vashikaran - Janeu dhari brahmchari vridh brahman dwara shighr vashikaran

वशीकरण अपने आप में अकेला नहीं है इसके अंतर्गत सम्मोहन , मोहिनी विद्या और आकर्षण भी आते है | वशीकरण का साधारण भाषा  में  अर्थ होता है वश में करना | प्रत्येक व्यक्ति का जीवन  कुछ ना कुछ पाने की लालशा और और मनोकामनाओ से भरा हुआ होता है | प्रत्येक व्यक्ति की केवल यही मनोकामना होती है की उसकी सभी कामनाओं की पूर्ति सरलता और अतिशीघ्र हो जाए | लेकिन जीवन में कदम कदम पर आने वाली बाधावो के कारण उसे हर वक़्त संघर्ष करना पड़ता है | इन बाधाओं को दूर करने के लिए बस कुछ सरल साधनाओ के माध्यम से आप जीवन में सच्चा सुख और आनंद प्राप्त कर सकते है | इसी तंत्र मंत्र और यन्त्र के माध्यम से वशीकरण का प्रभाव उत्पन्न किया जा सकता है | मंत्र या तंत्र के माध्यम से वशीकरण सरल है | किन्तु तंत्र और मंत्र की क्रियाये अलग अलग है | मंत्र साधना में शब्दों का प्रयोग करके वशीकरण ऊर्जा को  उत्पन्न किया जाता है | जबकि तंत्र या मंत्र से प्राप्त ऊर्जा को यन्त्र में स्थापित किया जाता है | तत्र शास्त्र में शारीर में एकत्र ऊर्जा को जागृत करके सिद्धि प्राप्त की जाती है | वशीकरण विद्या सम्मोहन का ही विकसित रूप है \ सम्मोहन क्रिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को संकेत देकर कार्य करने का निर्देश दिया जाता है | इसके विपरीत वशीकरण के माध्यमसे व्यक्ति साधक के वश में पूरी तरह से हो जाता है | और साधक अपना मनचाहा  कार्य उससे करवा सकता है |

वशीकरण साधना  - यदि सही तरीके से किया जाय तो सफलता अवश्य ही मिलती है | लेकिन वशीकरण करने वाले का मन सच्चा होना चाहिए | सही तरीके से की गई वशीकरण साधना का फल अवश्य ही मिलता है | जबकि नियमो के विरुद्ध की गई साधना से रिजल्ट मिलने की संभावना कम हो जाती है | इसलिए वशीकरण साधना करते समय नियमो का अवश्य ही ध्यान रखे |

वशीकरण कलश  - वशीकरण के प्रयोगों में जहा भी कही कलश स्थापना का निर्देश दिया गया है | वहा चादी के कलश की ही स्थापना करना सर्वश्रेष्ठ रहता है | चादी के कलश के स्थान पर ताम्बे के कलश का भी प्रयोग किया जा सकता है |

 

वशीकरण माला – वशीकरण के प्रयोगों में मूंगा और मोती की माला का प्रयोग करना श्रेष्ठ फल दायक माना गया है | परन्तु माला को प्रयोग करने से  पहले माला को सिद्ध मंत्रो के माध्यम से जागृत कर लेना चाहिए | मूंगा और  मोती की सत्ताईस दानो की माला प्रयोग में लायी जाती है | यदि यह माला ना मिल सके तो असली रुद्राछ की एक सौ आठ दाने की माला का भी प्रयोग किया जा सकता है |

वशीकरण दिशा निर्णय – वशीकरण की साधनाए उत्तर दिशा की और मुख करके करनी श्रेष्ठ मानी गई है | पर यदि किसी अन्य दिशा के बारे में भी ज्ञान हो तो उसका भी पालन करना चाहिए |

मंत्र जाप की विधि

मंत्रो का जाप दिए गए निर्देशों के अनुसार आसन पर बैठकर दाए हाथ की  मध्यमा अंगुली  और अंगूठे के माध्यम से ही माला को फेरना चाहिए तथा यथा संभव मंत्र का जाप बुदबुदाते हुए करना चाहिए | जिस मंत्र का जाप करना चाहते हो उसे पहले अष्टगंध से भोजपत्र पर लिखकर धुप दीप इत्यादि से पूजन करना चाहिए | फिर एक ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसे भोजपत्र पर लिखे हुए मंत्र पर धार बनाकर डालना चाहिए | इस प्राकार से मंत्रो पर जल चढाने से तथा एक सौ आठ बार मंत्रो का जाप करने से मंत्र सिद्ध हो  जाता है | किन्तु यदि आप शाबर मंत्रो का प्रयोग करते है तो आपको मंत्रो को सिद्ध करने की कोई भी आवश्यकता नहीं होती है |


वशीकरण – बेलन वाले बाबा जी कर्चूल बाबा




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