वशीकरण प्रेम जाल सिद्ध योगिनी शक्ति


Vashikaran Power

प्रेम और सौन्दर्य का साकार रूप

शिव पार्वती संवाद में भगवान् शिव ने स्वम ही कहा है की कलयुग में योगनी साधना से धन , प्यार , संतान , और काम वासना का सुख पाया जा सकता है |योगिनी एक नारी शरीर में रहते हुए नारी मन की समस्त भावनाओं से जुड़ कर और नारी का शरीर लेकर मनुष्य को सुख प्रदान करती है |

मित्रो आज मै आपको एक सत्य घटना सूना रहा हूँ | बात उन दिनों की है जब मेरा दिल्ली के कनाट प्लेस में ज्योतिष का कार्यालय था | मेरा अध्यात्मिक आश्रम हरिद्वार में था | जहा मै अपने गुरु के सानिध्य मै भागवत कथा , राम कथा , शिव पुराण , महालक्ष्मी अनुष्ठान , से समय निकलने के बाद ही कार्यालय में बैठ पाता था | इस कारण से मुझसे अध्यात्मिक राय प्राप्त करने वाले लोगो को कई कई महीने का इन्तजार भी करना पड़ता था | हमारे कार्यालय में कुल पांच लोगो का स्टाफ था | उस समय भी आज के समयानुसार ज्योतिष के अच्छे जानकार कम ही हुआ करते थे | गुरु जी की कृपा से मेरे द्वारा बताया गया प्रयोग और उपाय लोगो को काफी फायदा दे रहा था | माँ योगनी की कृपा से मुझे ज्योतिष , वास्तु , फेंगसुई , हस्त रेखा , मस्तक रेखा , ध्यान मुद्रा , योग मुद्रा , रेकी , अध्यात्म ,मंत्र , तंत्र , यन्त्र , का मुझे अच्छा खासा ज्ञान था | और मेरी लोकप्रियता दिन दुनी रात चौगुनी बढती ही जा रही थी | मेरे ज्योतिषीय  एवं अध्यात्मिक ज्ञान से भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देशो में कई राजनेताओं ने कामयाबी हासिल की थी और वह मंत्री से लेकर उससे भी अच्छे पदों पर आसीन हो चुके है | टीवी , अखबार , और इन्टरनेट पर मेरे साक्षात्कार लगभग नित्य ही प्रसारित होते थे | कुछ अच्छे टीवी  चैनलों पर और रेडियो पर मै लाइव आता था और लोगो के प्रश्नों का उत्तर भी दिया करता था | व्यापारियों , उद्योगपतियों , फ़िल्मी कलाकारों , अभिनेता और अभिनेत्रियों से मेरे काफी अच्छे सम्बन्ध थे और यह सभी मेरी राय पर ही व्यापार शुरू करते थे या फिल्मो का निर्माण प्रारम्भ करते थे | मै यहाँ पर किसी का भी नाम बताना उचित नहीं समझूंगा क्योकि मेरे अध्यात्म का ज्ञान लेने और खेल इत्यादि में सफलता प्राप्त करने के लिए आज के कई प्रसिद्द खिलाड़ी भी आते रहता थे | जिनका आना आज भी जारी है |

 सुबह के करीब ग्यारह बज रहे थे और मै रोज की भाति मंदिर से पाठ करके अभी अपने आफिस में प्रवेश कर रहा था की मेरी नज़र रिशेप्सन पर बैठे आगुन्तको पर पड़ी जो की लगभग दस या बारह की संख्या में थे और अपने नंबर आने की प्रतीक्षा कर रहे थे | रिशेप्निष्ठ के पास बैठी एक खुबसूरत नवयुवती पर पड़ी जिसकी उम्र लगभग चौबीस साल के करीब थी | वह बार बार सामने लगी घडी के तरफ देखती जा रही थी | नवयुवती किसी सभ्य घर की लग रही थी | पहली नज़र में वह विवाहित तो बिलकुल भी नहीं लग रही थी | नवयुवती ने सफ़ेद रंग का सूट पहन रखा था और गले में पतला सा मोतियों की माला डाल रखी थी | मै ज्यो ही अपने आफिस में प्रवेश करने लगा तभी उस युवती की आवाज़ ने मुझे चौका दिया शायद वह मेरे बारे में ही पूछ रही थी | मै अपने आफिस के अंदर आकर अपने गुरु जी को प्रणाम करके और उनका आशीर्वाद लेकर अपनी कुर्सी पर बैठा ही था की बाहर से नौकर ने बताया की गुरु जी कोई युवती आपसे बिना समय लिए ही मिलने की जिद्द कर रही है और वह काफी घबराई हुई है | खैर मैंने माँ योगिनी को याद किया और युवती को अंदर भेजने के लिए कह दिया |

मेरे सामने आते ही नवयुवती ने मुझे हाथ जोड़ कर नमस्ते  किया और मेरे पैर को छूने के लिए आगे बढ़ी किन्तु मैंने उसे इशारों से मना किया साथ ही बताया की मेरा पैर चुने की इजाजत किसी को भी नहीं है | मैंने नवयुवती को सामने की कुर्सी पर बैठने का इशारा किया तो वह कुर्सी पर बैठ गई | किन्तु यह क्या नवयुवती ने तो बैठते ही रोना शुरू कर दिया इस पर मैंने कहा की यदि आप रोती ही रहेंगी तो अपनी समस्या को मुझसे कैसे शेयर करेंगी | नवयुवती ने थोड़ा सा अपने को सम्भाला और बताया की उसका नाम शालिनी है और वह दिल्ली के पाश इलाके में रहती है जहा उसके साथ उसकी माँ और भैया भाभी भी रहते है | नवयुवती के अनुसार उसके पिता का देहांत हो चुका है | उसने बताया की वह अच्छे घर से बिलांग करती है और घर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है | नवयुवती के अनुसार वह स्वम काफी पढ़ी लिखी है और नोयडा के किसी  मल्टीनेशनल  कंपनी में ऊँचे पद पर है | अच्छी खासी तनखाह है और वह ओडी कार की स्वम मालकिन है | मैंने बिना समय गवाए उस नवयुवती से आने का कारण पूछा तो उसने बताया की उसका नाम शिखा है और वह किसी अंकित नाम के लड़के से बहुत प्यार करती थी या आप यह समझ ले की मै अभी भी करती हूँ | उसका यह रिश्ता विवाह पूर्व ही पति पत्नी के जैसा हो गया था | उसका यह रिश्ता करीब तीन साल पुराना है | या आप यह मान ले की था | मुझे नवयुवती की बातो से कोई आश्चर्य नहीं हो रहा था क्योकि ऐसी समस्या लेकर कभी लड़का तो कभी लड़की हमारे सामने आते ही रहते है | मैंने पूछा की अब क्या हो गया तो युवती ने बताया की अब वह लड़का अपनी मम्मी की बातो में आकर मुझसे शादी करने से मना कर रहा है | जबकि मै उसके सिवा और कही शादी नहीं कर सकती | मेरे घर वाले मेरे लिए रिश्ता देख रहे है किन्तु मै किसी ना किसी बहाने से उन्हें मना कर देती हूँ | जिसके कारण घर में मेरे लिए तरह तरह बाते भी की जाने लगी है और मुझ पर असलियत बताने का दबाब डाला जा रहा है और पूछते है की वह शादी के लिए क्यों तैयार नहीं है इस पर मै कोई जबाब नहीं दे पाती हु | मै जीवन से निराश हो चुकी हु और आत्महत्या करने का मन करता है | नवयुवती ने बताया की वह लड़के को पुलिस में शिकायत का भी भय दिखा चुकी है किन्तु वह मानने के लिए बिलकुल तैयार नहीं है | थक हार कर मैंने अपनी परेशानी अपनी सहेली को बताया तो उसी ने आपका पता और नम्बर दिया है | मैंने आपको टीवी पर लोगो की समस्या का हल बताते हुए देखा है और इंटरनेट पर भी आपके बारे में काफी लोगो ने अपने अनुभव को शेयर किया हुआ है जिसे पढ़ कर मुझे काफी अच्छा लगा | नवयुवती ने कहा की मुझे पता है यदि मै आपसे समय लेकर मिलती तो मुझे महीनो का इन्तजार करना पड़ता और मेरे पास इतना समय नहीं है इसलिए मै बिना समय लिए ही आपसे मिलने आ गयी हु |

इतना कहकर नवयुवती शांत हो गई और मेरे तरफ आशा भरी नजरो से देखने लगी | मैंने अपने मेज की दराज से सिद्ध योगिनी प्रेम जाल को निकाल कर नवयुवती के हाथो में रखते हुए कहा की इसे ले जाकर अपने पहने हुए किसी कपडे में लपेट कर साथ में लड़के की फोटो और उसकी माँ का नाम एक कागज़ पर लिख कर और कपडे में लपेट कर अपनी आलमारी में या पर्स में रख देना | चौबीस घंटो के अंदर लड़का तुम्हारे प्यार में पागल हो जाएगा | वह तुमसे भाग कर भी शादी के लिए राज़ी हो जाएगा | उसकी माँ भी तैयार हो जायेगी | नवयुवती ने आगे बिना कोई भी प्रश्न किये सिद्ध योगनी प्रेम जाल को लिया और चली गई | जाते समय उसने जल्द बाज़ी में मुझे नमस्ते तक भी नहीं किया इस पर मुझे हसी आ रही थी |

तीसरे दिन दोपहर में मेरे मोबाईल पर उसी नवयुवती का फोन आया और अब उसके बोलचाल में ख़ुशी झलक रही थी | उसने बताया की आप की कृपा से लड़के ने और उसकी माँ ने आज ही मेरा रोका कर दिया है और उनको शादी की बड़ी ही जल्दी है | नवयुवती ने मुझे बार बार धन्यबाद कहा और गुजारिश की की आपको मेरी शादी में अवश्य ही आना पडेगा | मैंने उसको हां कहा और उसके सभी मनोकामनाओ को पूरा हो जाने का आशीर्वाद देते हुए फोन को बंद कर दिया |

मित्रो आज उस नवयुवती के दो बच्चे है और सुखी परिवार है |तो यह तो रहा सिर्फ एक नवयुवती की कहानी माँ योगनी की कृपा से अब तक मै लाखो बिछड़े प्रमियो को मिला चुका हु | हजारो पति पत्नी के खराब रिश्तो को प्रेम में बदल चुका हु | बिगड़ी हुयी संताने माँ बाप का कहा मानने लगी है | जिन दम्पतियों की तलाक की नौबत आ चुकी थी उनके बीच अब प्रेम की रसधार बह रही है | नवयुवको या नवयुवतियो के मन के मुताबिक़ प्रेम विवाह हुआ है | जिन प्रेमी जोड़ो के परिजन शादी के खिलाफ थे आज वह शादी के लिए हामी भर चुके है |


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