मांगलिक दोष निवारण के उपाय


Mangal Dosh Niwaran Ke Upay

ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति के जन्म के समय यदि मंगल नामक ग्रह जन्म कुंडली के लग्न में या चतुर्थ भाव में या सप्तान भाव में या अष्टम भाव में या बारवे भाव मव स्थित हो तो व्यक्ति मांगलिक योग में जन्म लेता है | वैसे तो मांगलिक योग में जन्मे बच्चे काफी भाग्य शाली होते है किन्तु उनमे गुस्सा ज्यादा पाया जाता है | मांगलिक योग में जन्मे बच्चे का विवाह मांगलिक के साथ ही किया जाता है | मंगल से प्रभावित व्यक्ति निडर और साहसी होते है | मंगल ग्रह व्यक्ति के अंदर खून से सम्बन्ध रखता है | मांगलिक व्यक्ति पुलिस , सेना या खेल जगत में काफी अच्छा नाम करते है |

जन्म कुंडली के प्रथम भाव में यदि मंगल स्थित हो तो मिटटी की सुराही में शुद्ध शहद भरकर सुनसान जगह पर जमीन के निचे दबा देना चाहिए |

जन्म कुंडली में यदि मंगल चौथे भाव में स्थित हो तो चीनी की खाली बोरिया छत के ऊपर खुले में रखना चाहिए |

यदि सप्तम भाव में मंगल स्थित हो तो कच्ची मिटटी की दिवार बार बार बनाकर गिरानी चाहिए |

मंगल यदि अष्टम में स्थित हो तो रोटी सकने वाले तवे के गर्म हो जाने पर पहले पानी का छीटा मारना चाहिए |


मांगलिक दोष का प्रभाव




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