महाशक्तिशाली वशीकरण


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वशीकरण साधना के माध्यम से किसी भी औरत या आदमी को वश में करके अपनी मनमुताबिक कार्य करवाया आ सकता है | वशीकरण की शक्तियों का प्रयोग भारत समेत दुनिया भर के कई देशो में किया जाता है | वशीकरण की अदभुद शक्तियों से देवी देवताओं या जिन्न , किन्नर , भूत प्रेत को भी अपने वश में किया जा सकता है | वशीकरण शक्तियों को प्राप्त करने के लिए साधक को कुछ विशेष नियमो का भी पालन करना पड़ता है | बिना नियमो का पालन किये हुए सफलता मिलने में संदेह होता है | एक बार वशीकरण मंत्र को सिद्ध कर लेने के बाद अपने लक्ष्य को हासिल कर पाना साधक के लिए काफी आसान हो जाता है | वशीकरण मंत्रो से आदमी या औरत के अलावा जानवरों तक को वश में किया जा सकता है | वशीकरण मंत्रो को एक निश्चित संख्या में जाप करने से वातावरण में एक विशेष प्रकार की तरंगे उत्पन्न होती है | जिससे साधक को भावनाओं की शक्ति प्राप्ति होती है और साधक के मनोकामना की पूर्ति होती है | फिर वही होता है जो साधक चाहता है | वशीकरण के लिए तंत्र , मंत्र और यन्त्र साधना की यह तीन प्रमुख विधिया होती है जिसमे से तंत्र मुख्य है | तंत्र के द्वारा साधक विशेष प्रकार की सिक्ष्म तरंगे उत्पन्न करता है जो की साधक की इच्क्षा पूर्ण करने में सहायक होता है | मंत्र शक्तियों से निकली हुयी तरंगे ही किसी भी स्त्री या पुरुष को साधक के तरफ प्रभावित करके मनमाफिक फल प्रदान करती है |

प्रत्येक मनुष्य का जीवन  इक्षाओ और मनोकामनाओ से भरा होता है | प्रत्येक व्यक्ति की केवल यही इच्क्षा होती है की उसकी सभी कामनाओं की पूर्ति सरलता से हो जाए | लेकिन जीवन भर उसे आने वाली बाधाओं के कारण हर पल संघर्ष करना पड़ता है | जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए कुछ सरल साधनाओ के माध्यम से जीवन में सच्चा सुख प्राप्त किया जा सकता है | इसी तंत्र , मंत्र , या यन्त्र से वशीकरण का प्रभाव उत्पन्न किया जा सकता है | वशीकरण अपने आप में अकेला नहीं है इसमें सम्मोहन , मोहिनी बिद्या , और आकर्षण भी आते है |

मंत्र और तंत्र से वशीकरण करना काफी सरल है | तंत्र और मंत्र से प्राप्त ऊर्जा को ही यन्त्र में स्थापित किया जाता है | वशीकरण करने की क्रिया सम्मोहन का ही एक बिकसित रूप है | सम्मोहन क्रिया के द्वारा किसी भी आदमी या औरत को कार्य करने का संकेत दिया जाता है | किन्तु कई बार वह आदमी या औरत सम्मोहित ना होकर उस कार्य को करने से मना कर देते है किन्तु वशीकरण किया गया आदमी या औरत साधक की किसी भी आदेश को टालने की हिम्मत नहीं कर पाता है | वशीकरण से साधक अपने मनमाफिक कार्य करवा पाने में सफल होता है | वशीकरण की सिद्धि के लिए मंत्र और यन्त्र का पूजन काफी शक्तिशाली माना गया है |

यदि वशीकरण की साधना पुरे विश्वाश और श्रद्धा से की जाय तो सफलता अवश्य ही मिलती है | किनती नियमो के बिपरीत की गई वशीकरण की साधना का कोई भी परिणाम प्राप्त नहीं होता है | और साधक को असफलता ही हाथ लगती है वशीकरण को साधना करते समय नियमो का शक्ति से पालन करना चाहिए |

वशीकरण साधना के लिए कलश का निर्माण – वशीकरण की साधना में चांदी के कलश की स्थापना करना काफी अच्छा माना गया है | यदि ताम्ब्र का कलश उपलब्ध ना हो तो ताम्बे के कलश का भी प्रयोग किया जा सकता है |

वशीकरण के लिए माला – वशीकरण साधना में मोती की माला या शुद्ध मुंगे की माला का प्रयोग करना चाहिए | यह ध्यान रखे की माला को प्रयोग में लाने से पहले सिद्ध मंत्रो को उचित संख्या में जाप करके माला की प्राण प्रतिष्ठा अवश्य ही कर लेना चाहिए | मोती या मुंगे की २७ या फिर १०८ दाने की माला का ही प्रयोग करना उचित रहता है |

वशीकरण मंत्र के जाप की विधि – वशीकरण के मंत्रो का जाप गुरु के बताये अनुसार सिद्ध आसन पर बैठ कर दाए हाथ की मध्यमा ऊँगली और अंगूठे के साथ ही फेरना चाहिए | साथ ही वशीकरण मंत्रो को बहुत ही हलकी आवाज़ में पढ़ते रहना चाहिए |

वशीकरण के मंत्रो का जाप करने से पहले वशीकरण मंत्र को भोजपत्र पर अष्टगंध की स्याही से लिखकर धुप दीप और नौबेद्य से पूजन करना चाहिए | फिर एक ताम्बे के लोटे में जल भर कर भोजपत्र के ऊपर जल की धारा डालते हुए वशीकरण के मंत्रो का जाप मन ही मन करते रहना चाहिए | किन्तु शाबर वशीकरण मंत्रो के जाप में यह क्रिया करने की कोई भी आवश्यकता नहीं होती है |

वशीकार  की सिद्धि के लिए सही महीना – वशीकरण की साधना के लिए आश्विन , कार्तिक , मार्गशीष , फाल्गुन , आषाढ़ , और सावन महीने शुभ माने गए है | इन सभी में कार्तिक और आश्विन का महीना सबसे बढ़िया माना गया है |

वशीकरण की सिद्धि प्राप्त करने के लिए शुक्ल पक्ष का समय यानी की बढ़ते चाँद के दिनों को

काफी अच्छा माना गया है |

वशीकरण साधना के लिए तांत्रिक ज्यादातर बसंत के महीने को प्राथमिकता देते है | सिद्ध पुरुषो के मतानुसार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के मध्य चौबीस घंटो में प्रत्येक चार घंटे साधना के लिए उपयुक्त माना गया है | सूर्योदय से पहले के चार घंटो को बसंत काल माना जाता है जो की वशीकरण की साधना के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है |

वशीकरण के लिए तिथिया – वशीकरण सिद्धि के लिए नवमी , दशमी , एकादशी , पूर्णिमा , और अमावस्या की तिथि शुभ मानी गई है | वैसे शुक्रवार , शनिवार , एवं रविवार का दिन वशीकरण की साधना के लिए उपयुक्त होता है |

वशीकरण  सिद्धि प्राप्त करने के लिए शुभ समय – वशीकरण साधना के लिए प्रातः चार बजे से दो घंटा का समय शुभ रहता है | वशीकरण साधना के लिए मेष , कन्या , कर्क , तुला , और मकर लग्न को शुभ माना गया है |

वशीकरण साधना के लिए दिशा – वशीकरण की साधना उत्तर की दिशा की तरफ मुख करके ही करना शुभ माना गया है |

वशीकरण के सिद्ध टोटके :

  • बरगद की जड़ को पानी में घिस कर उसकी भस्म लगाने से राजा प्रजा सब वश में रहते है |
  • शत्रु को वश में करने के लिए साबुत भोजपत्र पर लाल चन्दन से उस पर शत्रु का नाम लिख कर उसे शुद्ध शहद में डुबो दे तो शत्रु वश में हो जाता है |
  • केले के रस में अष्टगंध वा हरताल को गोरोचन में मिलाकर पिस कर तिलक लगाने से प्रभावशाली वशीकरण होता है |
  • लाल चन्दन , गोरोचन , वा कमल पत्र को बारीक पीस कर उसका तिलक लगाने से सभी आदमी या औरत वश में हो जाते है |
  • तुलसी के पौधे की जड़ में अपने सिर के बाली की राख , केसर , आक की राख , लौंग वा गोरोचन को मिलाकर राख बना कर रख दे और इक्कीस दिनों के बाद तुलसी के कोमल पत्तो को मिठाई , चाय , या प्रसाद में मिलाकर जिस भी लड़के या लड़की को मिलाकर खिला देंगे वह शर्तिया वश में हो जाएगा |
  • किसी भी युवक या युवती के बालो प्राप्त करके १०८ बार वशीकरण के मातरो का जाप करते हुए उसे अपने बालो के साथ मिलाकर रख लेने से वह युवक या युवती आपके वश में हो जायेंगे |
  • किसी भी स्त्री को वश में करने के लिए शनिवार के दिन कमल के पत्ते पर गोरोचन से स्त्री का नाम लिख कर उसी पत्ते का तिलक लगाने से स्त्री सदा ही वश में रहती है |
  • प्रेमी को वश में करने के लिए गोरोचन और मछली के पित्त को एक साथ मिलाकर उसको पीस कर प्रेमी के मस्तक पर तिलक लगाने से प्रेमी पुरे जीवन भर प्रेमिका के वश में रहता है | यह उपाय पत्नी अपने पति को भी वश में करने के लिए कर सकती है | पति जीवन भर के लिए गुलाम बन जाता है |
  • किसी भी मनचाही स्त्री के बालो को प्राप्त करके उसे गधे की लीद के साथ मिटटी में दबाकर नित्य उस पर पेशाब करे तो वह स्त्री वश में हो जायेगी |
  • जियापोते के के पौधे की कोमल पत्तियों को लेकर उसे गोरोचन में पीस कर बिंदी की जगह उसका टीका लगाने से स्त्री का पति सदैव उसके जाल में फसा रहता है |

वशीकरण मंत्र :

सर्व स्त्री पुरुष वशीकरण मंत्र :

ॐ नमो कला कलुआ , काली रात निश की पुतली माझी रात ||

काला कलुआ , घाट घाट सोती को जगाय लावे ||

बैठी को उठाय लावे ,मोहिनी योगिनी चल ||

राजा की थाऊ, अमुकी के तन में चटपटी लगाओ जिया ले तोड़ ||

जो कोई हमारी इलायची खावे कभी ना छोड़े हमारा साथ ||

घर को ताजे बाहर को ताजे हमें ताज और कने जाई ||

जो जाती फाट तुरंत मर जाई सत्य नाम आदेश गुरु का ||

  • Om hrim srim klim sarw purushsarw stri hriday haarini mam vasyam kuru hreem ||
  • Om hreem amukam me vashmaany aakarshanam swaahaa ||
  • Om chaamunde jay – jay stambhay jambhay – jambhay mohay – mohay sarw salwaatram swahaa ||
  • Om gaam gah jum sah amukasy me vasy vasy swahaa ||
  • Om namo bhagwate eshaanaay somse pray vashmaany swaahaa ||

        ॐ भूर्भुवः ततस बितुवार्नेयम भर्गो देवस्य धीमहि योनो प्रचो द्यात ||

गायत्री वशीकरण मंत्र को शत्रुओ का मन जितने के लिए बेहद प्रभावशाली माना  गया है | इस मंत्र से शत्रु भी मित्र बन जाते है | मंत्र का जाप करते समय गायत्री माता का सिंहवाहिनी रूप का ध्यान करना चाहिए | पांच माला का नियमित जाप करने से आपका दुश्मन मित्रता का व्यवहार करने लगेगा | और आपके अनुकूल व्यवहार करने लगेगा | यह एक प्रभावी मंत्र है इसकी सिद्धि से पति पत्नी के बीच झगडा समाप्त हो जाता है और जीवन सुखी तथा आनंद माय हो जाता है | वशीकरण मन्त्र की सिद्धि के बाद किसी भी स्त्री या पुरुष को सम्मोहित या आकर्षित किया जा सकता है |मंत्र को सिद्ध हो जाने के बाद जिसे आप वश में करना चाहते हो उसको किसी भी तरह से खिला दे |

 

 


वशीकरण-किसी भी स्त्री पुरुष को अपना गुलाम बनाने के लिए




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