बिमारी से छुटकारा पाने के उपाय


Helth Problem Solutions

प्रायः कई बार ऐसा होता है की अचानक ही हिचकी आनी शुरू हो जाती है | और फिर बंद होने का नाम ही नहीं लेती है | ऐसी स्थिति में चार छोटी इलायची के छिलके को महीन पीसकर 250 ग्राम पानी में उबाले जब 100  ग्राम पानी रह जाय तो उतारकर छान ले और रोगी को गुनगुना पानी पिला दे | इसके बाद रोगी को उलटा करके छाती के तरफ लिटा दे | बस देखते ही देखते हिचकी आनी बंद हो जायेगी |

  • किसी प्रकार की पुरानी से पुरानी बिमारी हो और मर्ज़ का पता ना चल रहा हो , सारे टेस्ट करवा लिए हो तो बिमारी को दूर करने के लिए धोबी के घर से आये हुए कपड़ो को पहले रोगी के शरीर से स्पर्श करा दे तो रोगी स्वस्थ हो जाता है |
  • सहदेई के जड़ के सात टुकड़े लाल रंग के धागे में लपेटकर कमर में बाधने से पुरानी से पुरानी दस्त भी दूर हो जाता है |
  • जायफल के इक्कीस दानो को रेशमी धागे में गूथकर बाह या गले में धारण करने से मिर्गी का रोग ठीक हो जाता है |
  • मोटापा कम करने के लिए अपने सीधे हाथ की अनामिका ऊँगली में काला धागा लपेटकर उसे रंगे की अंगूठी से ढक दे तो मोटापा धीरे धीरे कम होने लगता है |
  • खासी को दूर करने के लिए लोबान पौधे की जड़ को लाल धागे में लपेटकर शुक्रवार के दिन गले में पहनने से पुराणी से पुरानी खासी भी दूर हो जाती है |
  • हिस्टीरिया यानी की शरीर का ऐठ जाना या दातो का कस जाना वैसे तो किसी को भी हो सकता है | परन्तु यह रोग स्त्रिओ को ज्यादा होता है | अविवाहित या संतानहीन स्त्रियों को हिस्टीरिया होने के संभावना ज्यादा होती है | हिस्टीरिया रोग में दौरे से बचने के लिए गाय का सेवा करना और चन्द्रमा के दर्शन करना काफी लाभदायक होता है | रविवार के दिन यदि यह उपाय किया जाय तो ज्यादा प्राभाव्शाली रहता है |
  • सिर का दर्द होने पर मंगलवार के दिन हनुमान जी के पैरो के सिंदूर का तिलक लगाने से सिर में दर्द ख़त्म हो जाता है |
  • पीलिया की बिमारी होने पर गुरुवार के दिन पुनर्वा की जड़ को गले में धारण करने से पीलिया रोग में आराम मिलता है |

रोग नाशक टोटके




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