प्यार हासिल करने का मंत्र – स्त्री या पुरुष सभी प्रयोग करे


pyar hasil karne ka mantra - Stri ya purush sabhi prayog kare

यदि किसी स्त्री के गृहस्थ जीवन में कलह कलेश रहता हो , सुख शान्ति का अभाव हो गया हो , तब ऐसी हालात में स्त्री को अपने सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए | यह मंत्र गृहस्थ जीवन को सुखी बनाने के अलावा सौभाग्य की भी वृद्धि करता है |

ॐ इमा नारिरार विध्वाह सुपत्नी रान्ज्नें सर्पिसा संस्प्रिस्ताम

पति वशीकरण मंत्र – जब किसी स्त्री का पति उसे ना चाहता हो अथवा एनी स्त्रियों में रूचि रखता हो तो वह स्त्री इस मंत्र का इक्क्वान बार इक्कतीस दिनों तक नियमित रूप से जाप करे | मंत्र को सिद्ध हो जाने पर स्त्री जो भी कपड़ा पहनने जा रही हो उस कपडे पर मंत्र को पढ़ कर इक्कीस बार फूंक मारे | फिर उस कपडे को पहनकर पति के पास जाए तो पति उस स्त्री के वश में हो जाएगा |

ॐ अभित्वा मनुजातें दधामि मम वसमा ||

यथा सो मम केवलो नान्यासम किर्तियाश्च छ ||

 

पत्नी को ससुराल से वापिस लाने का मंत्र  - यदि किसी भी व्यक्ति की पत्नी किसी भी कारण से नाराज़ होकर अपने मायके चली  गई हो और बार बार समझाने पर भी किसी भी कीमत पर ससुराल वापिस ना आ रही हो और जिद्द कर रही हो तो उस स्त्री के पति  को मंत्र को इक्कतीस बार इक्कतीस दिनों तक नमक पर जाप करना चाहिए और फिर किसी भी तरह से किसी भी खाने पिने की चीज में मिलाकर उस नमक को पत्नी को खिला देना चाहिए | इस नमक को खाते हो पत्नी का गुस्सा ख़त्म हो जाएगा और वह ससुराल या पति के पास वापिस आ जायेगी | और फिर कभी रूठकर नहीं जायेगी |

ॐ नमो भोगराज भयंकर परिभय ||

उत उद्रे जोई जोई देखे मारकर ||

तासो सो दिखे पव परंता ||

ॐ नमो ठह ठह ठह स्वाहा ||

पति पत्नी वशीकरण मंत्र –

ॐ ह्रीं अमुकं में वशमानय आकर्शनाम स्वाहा ||

मंत्र का जाप आरम्भ करने के लिए पुष्प योग का चुनाव किया जाता है पुस्य योग वाले दिन साफ़ वस्त्र पहनकर कुशाके आसन पर बैठ कर अपने सामने अपने ईस्ट देवी या देवता की मूर्ति को रखकर , धुप दीप जलाकर मंत्र का जाप आरम्भ करना चाहिए | ३१००० मंत्रो का जाप  तीन माह में करने से यह सिद्ध हो जाता है मंत्र का जाप करते समय जिसको अपने वश में करना  हो उसका कोई भी पहना हुआ वस्त्र अपने आसन के नीचे अवस्य ही रखे | मंत्र में अमुक के स्थान पर पति या पत्नी के नाम का प्रयोग किया जाता है |

शत्रु वशीकरण मंत्र – किसी भी शुभ मंगलवार या रविवार को शत्रु के दाहिने पैर के निचे की मिटटी को लेकर उसका पुतला बनाकर उस पुतले को कपड़ा पहनाकर उसे बाघ की खाल पर बैठाकर दिए मंत्र को एक सौ चप्पन बार पच्चीस दिनों तक नियमित जाप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है और शत्रु सम्मोहित होकर शत्रुता भूल जाता है |

ॐ बाण रुद्रामुखी  श्वेत श्वेत दामी पट्टिका कांचनी ||

आल्म्ब्नी ड्रा ड्रा ॐ घन घन वैन वैन ॐ ठह ठह ||


पत्नी या प्रेमिका के प्यार को हासिल करने का सिद्ध मंत्र




SERVICES OF HIPNOTIZAME

वशीकरण