Rashifal

 ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रह और बारह राशियों के बारे में बताया गया है | कुछ ज्योतिषी चन्द्र लग्न से राशि फल की गणना करते है तो कुछ जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति से दैनिक या साप्ताहिक या वार्षिक राशिफल की गणना करते है | पश्चिमी देशो में तो टैरो कार्ड या अंक ज्योतिष से राशिफल को बिचार करने की प्रथा है | जैसा की हमने आपको पहले ही बताया की बारह राशियों के स्वामी भी अलग अलग होते है | किन्तु कुछ ग्रहों के स्वामी दो राशियों के भी माने गए है | जैसे गुरु ग्रह को धनु एवं मीन राशि का स्वामी बताया गया है | मिथुन और कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुद्ध है| मकर एवं कुम्भ के स्वामी शनि एवं वृष एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र देव को माना गया है | दैनिक राशिफल की गणना करने से पहले चन्द्र किस घर में बिराज मान है और उनकी दृष्टि किस घर पर कैसी पड़ रही है | यह देखा जाता है | जिस भी दिन का राशि फल देखना होता है उस दिन के प्रातः काल सूर्योदय के समय का लग्न मुहूर्त देखना अति आवश्यक होता है |